आज की ताजा खबर
करोड़ों खर्च, फिर भी शुद्ध पेयजल से वंचित ग्रामीण; चार साल बाद भी अधूरी पड़ी जल जीवन मिशन की योजनाएं
Lucknow Cyber Fraud: फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 गिरफ्तार, 250 करोड़ की ठगी का खुलासा | UP News
बेटी के जन्म पर महाराजा भवन में मना 'लक्ष्मी उत्सव', लड्डू महाराज ने नातिन के चरण माथे लगाकर की पूजा
लोहिया पार्क में योग की गूंज, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सैकड़ों योग साधकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
GSVM मेडिकल कॉलेज में खुलेगी AI आधारित लो विजन यूनिट, धुंधली दृष्टि वाले मरीजों को मिलेगा बड़ा सहारा
- होम
-
राज्य
- राजस्थान
- बिहार
- दिल्ली
- उत्तराखंड
-
उत्तर प्रदेश
- लखनऊ
- कानपुर-नगर
- बुंदेलखंड
- सीतापुर
- सुल्तानपुर
- रायबरेली
- बरेली
- पीलीभीत
- अमेठी
- बाराबंकी
- हरदोई
- कुशीनगर
- प्रयागराज
- अयोध्या
- गोरखपुर
- गोंडा
- बहराइच
- कौशांबी
- लखीमपुर
- शाहजहांपुर
- उन्नाव
- फतेहपुर
- कानपुर-देहात
- औरैया
- इटावा
- मैनपुरी
- फर्रुखाबाद
- कन्नौज
- आगरा
- फिरोजाबाद
- अलीगढ़
- एटा
- मथुरा
- गाजियाबाद
- उरई
- हमीरपुर
- चित्रकूट
- बांदा
- महोबा
- झांसी
- ललितपुर
- मध्य प्रदेश
- मनोरंजन
- बिजनेस
- करियर
- राशिफल
- लाइफस्टाइल
- खेल
- देश
- राजनीति
- दुनिया
इमाम हुसैन की याद में छलके अश्क
- दैनिक लोक भारती
- 26 Jul, 2026
जौनपुर। अंजुमन जाफरिया के जेरे-ए-एहतिमाम स्थानीय कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में आयोजित कदीम तरही शब्बेदारी रविवार को अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न हुई। शनिवार शाम से शुरू हुई इस शबबेदारी में मुल्क के विभिन्न हिस्सों से आए अकीदतमंदों ने नौहाख्वानी, मातम और अश्कों के जरिये हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदान-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
शब्बेदारी की पहली मजलिस में मौलाना मेहर अब्बास रिजवी ने कहा कि कर्बला का पैगाम किसी एक कौम या फिरके तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, इंसाफ, सच्चाई और जुल्म के खिलाफ डटकर खड़े होने का पैगाम है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी दुनिया को अम्न, मोहब्बत और इंसानी अखलाक का रास्ता दिखाती रहेगी।
अंतिम मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने कहा कि समाज की तरक््की के लिए जरूरी है कि लोग इल्म, ईमानदारी और इंसाफ को अहमियत दें तथा ऐसे रहनुमाओं का चुनाव करें जो इंसानियत और समाज की भलाई के लिए काम करें।
मजलिस के बाद शबीहे ताबूत बरामद हुआ, जिसके हमराह अंजुमन हैदरिया अब्दुल्लाहपुर (अम्बेडकर नगर), अंजुमन सज्जादिया कोपागंज (मऊ), अंजुमन कारवाने अजा जानसठ, अंजुमन रौनके अजा मुस्तफाबाद, अंजुमन सज्जादिया जलालपुर सहित नगर की विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम का नजराना पेश किया। संचालन जाहिद कानपुरी, बिलाल हसनैन एवं मोहम्मद अब्बास ने किया।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *

ई_पेपर







